ऑप्थैल्मोलॉजी
उपचारात्मक खनिज जल लुगेला का उपयोग विभिन्न आंखों की बीमारियों जैसे कंजंक्टिवाइटिस, हैलाजियन, मोतियाबिंद और ग्लूकोमा के उपचार के लिए व्यापक चिकित्सा में प्रभावी रूप से किया जा सकता है, साथ ही दृष्टि में सुधार के लिए। सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने के लिए सही डिपिंग तकनीक और उपयोग के तरीके का पालन करना महत्वपूर्ण है।
लुगेला आंखों की बूंदों के उपयोग के निर्देश:
• तैयारी: हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं और सुखाएं।
• स्थिति: सिर को पीछे झुकाएं और आरामदायक स्थिति में रहें ताकि घोल आंख से बह न जाए।
• डिपिंग तकनीक: पिपेट को आंख से कम से कम 1 सेमी की दूरी पर रखें, पलकों, पलकें की नोकों और आंख की सतह को छूए बिना। पिपेट को हाथ और अन्य सतहों के संपर्क से बचाएं।
• उपयोग: बूंदें दिन में 2 बार डाली जाती हैं — सुबह और सोने से पहले। कुल उपचार अवधि 1 माह है, स्थिति में सुधार के बावजूद।
आंखों में डिपिंग के साथ-साथ लुगेला को मौखिक रूप से निर्देशानुसार लेना भी सुझाया जाता है, ताकि शरीर पर समग्र प्रभाव सुनिश्चित हो:
• खाने से 30 मिनट पहले 1-2 गिलास गर्म पीने के पानी (37-38 °C) पियें;
• खाने के बाद 10 मि.ली. (1 बड़ा चम्मच) लुगेला लें और 40-50 मि.ली. गर्म पीने के पानी से धोएं।
मात्रा:
• वयस्कों के लिए — खाने के बाद दिन में 3 बार 10 मि.ली. (1 बड़ा चम्मच);
• 3 से 9 वर्ष के बच्चों के लिए — खाने के बाद दिन में 3 बार 5 मि.ली. (1 छोटा चम्मच);
• 3 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए — भोजन के दौरान पानी या खाद्य में मिश्रित 3 बूंदें।
सही प्रक्रियाएँ और नियमितता सूजन में राहत और आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती हैं। लुगेला के उपयोग के लिए सुझाव इसकी प्राकृतिक विशेषताओं और आंख की नमी पर कोमल प्रभाव पर आधारित हैं।
👉 प्रयोग के व्यावहारिक परिणाम और समीक्षाएं:
आंखों की बीमारियां
निर्देश / सुझाव